Saturday, January 2, 2010
यदा यदा ही धर्मस्य
पुराने ज़माने कि बात है किसी भूभाग पर दो राजा राज करते थे उन दोनों राजाओ के बीच
हमेशा राज्य कि सीमा को लेकर विवाद रहता था,दोनों ही रजा एक दुसरे के राज्य के अन्दर अपनी सीमा बताते
थे पीछे हटने का कोई नाम न लेता था,इश वजह से एक बार युद्ध छिर गया बहुत ही घमासान लड़ाई हुई, बहुत सारे
निर्दोष प्रजा मारे गए ,यह देख कर क्रुद्ध प्रजा ने एक दिन युद्ध के ही मैदान में दोनों राजाओ को घेर कर अंत कर
दिया. राजाओ के मरते ही मातम के जगह हर्ष आ गया सब लोग आपस में गले मिलने लगे,लोगो ने दोनों ही राजा को
एक ही जगह पास पास संस्कार कर दिया और समाधि बना कर बीच में एक बाबुल का पेड़ लगा दिया, ताकि
भविष्य में कोई उन क्रूर रजा के समाधि के पास न जा सके.
कहते है जीवित रहते अच्छे कर्म करने से मृत्युबाद आत्मा को सुख शांति मिलती है,लेकिन ये बात कोई नहीं
जनता कि मरने के बाद हमारा क्या होता है पर इतना तय है कि हमारे अच्छे कर्म करने से समाज कि संवेदना
मृत्युपर्यंत हमारे साथ रहती है.तभी तो समाधि पर कोई दिया जलाता है कोई पुष्प चढ़ाता है कोई तुलसी तो कोई
बरगद का पेड़ लगाता है ताकि कभी बहुत सारे लोग उस पेड़ के निचे थकान मिटा सके, रजा के मृत्यु का समाचार सुन कर कुम्हार जिसे राजा ने बिना किसी दोष के देश निकला दे दिया था, वापस आया तो देखा दोनों राज्यों को
फूलो से सजाया जा रहा था जगह जगह ढोल नगारे बज रहे थे दिवाली सा माहौल था,अगले दिन दोनों राज्यों को
मिलकर एक राज्य बनाना और नए राजा का चुनाव होना था,कुम्हार फिर भी डरा हुआ था उसे विश्वास नहीं हो रहा था
कि राजा अब नहीं है लेकिन जब उसकी पत्नी और बच्चे जो उनसे १५ साल बाद मिल रहे थे, ने कहा तो उसे विस्वाश हो गया .कुछ देर कुम्हार राजा के बरे में सोचता रहा फिर अपने बच्चो से बोला राजा आखिर राजा होता है चाहे वो क्रूर और पापी क्यों न हो वो जैसा था वैसे सजा उसे मिल गयी.अब मुझे उन्हें श्रधांजलि देने के लिए जाना चाहिए और वो पहुच गया समाधि पर,वहां उसने देखा दोनों राजा सुच्म शरीर में रहते हुए भी बबूल पेड़
कि थोरी सी छांव के लिए लड़ रहे है,उश छांव के लिए जिस पर किसी का अधिकार नहीं हो सकता, जो सूर्य कि
रोशनी के साथ जगह बदलता है. उश पेड़ पर एक प्रेत ने डेरा डाल रक्खा था वो दोनों का झगरा बरे चाव से देख रहा
था,यह देख कर कुम्हार बोला आप इन दोनों को आपस में समझौता क्यों नहीं करा देते,प्रेत ने जवाब दिया- मै झगरा देख नहीं झगरा करवा रहा हूँ ताकि तुम अपने बच्चों के साथ शांति से रहो.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

Bahut bahut dhnywad sangeeta ji
ReplyDelete