Sunday, January 17, 2010

    

                                                      
                                      रिश्वत के देवता                  
                                
आज कल  नित नये दिन अख़बार में खबर छपता है  कि अमुक व्यक्ति ने फलाने चेरिटेबल ट्रस्ट को ५० लाख दान में दिए,फलां अभिनेता को उश चेरिटेबल ट्रस्ट का 
अम्बेसडर बनाया गया है,किसी दिन सुनने को मिलता है तिरुपति बालाजी को किसी 
भक्त ने सवा करोड़ रूपये दान में दिए,कभी सिरडी सांई को लाखो के स्वर्ण आभूषण 
मिले, 
जागो हे रिश्वत के देवता - जागो, और अपने परम प्रिय और सम्पन्न भक्तों को बता दो कि में मंदिर मस्जिद में नहीं रहता हूँ,रूपये पैसो में मेरा मोह नहीं है क्योंकि मुझे 
रोटी नहीं खाने परते, कपडे  नहीं पहनने पड़ते , घर नहीं बनाने परते, इन रूपये पैसो कि 
जहाँ जरुरत है वहां दो,बड़े ही दुर्भाग्य कि बात है कि जिस देश का राजा प्रजा है उस 
देश में भी प्रजा भूखे  मरता ,कहीं एक -एक दाने के लिए लोग तरसते है कही सोने के 
सिक्के मंदिर में चढ़ाये जाते हैं ,एक कोशोर बेटे को स्कूल भेजने कि जगह पिता 
मजबूरन दूर शहर मजदूरी के लिए भेजता है,बेटी कि व्याह करने कि जगह बाप 
किसी दलाल के हाथ बेचना उचित समझता है,कहीं हाहाकार मचा है कहीं हा-हा हो रहा है.... जागो हे रिश्वत के देवता..............

मंदिर तेरा मस्जिद तेरा, 
गुरूद्वारे और गिरिजाघर,
नेता की कोठी को देखा,
बाबू बनाया अपना घर, 
आन बान और शान बनाया, 
बनियाँ देखे डंडी पर, 
रिश्वत के ईस्वर मंदिर छोडो,
जा तू दीन के धरती पर,

   
               

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