Thursday, July 26, 2012

दोस्तों ! असम में सम्प्रदायिक  हिंसा अब भी जारी है अब तक लगभग 50 लोग मारे जा चुके है और 2 लाख लोग बेघर हो चुके हैं, जो कांग्रेस की सरकार आज तक गुजरात दंगे का माला जप्ती आ रही थी  उसी की नीतियों का परिणाम है यह,  
 कांग्रेस की गलत नीतियों और वोट बैंक की राजनीति की वजह से लगभग 1 करोड़ बंगलादेशी असम में  बस चुके हैं अब परिणाम सामने है,सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है, कांग्रेस की वजह से जो हाल कश्मीर और कश्मीरियों का हुआ वही हाल पूर्वोत्तर में फिर से होने जा रहा है कश्मीरी पंडितों के तरह ही असम के मूल निवासी भी अब शरणार्थी  बनने जा रहे है, गृह मंत्री के रूप में पी चिदम्बरम का इश दंगे को रोकने में क्या योगदान है यह समझ से परे है, वो  ए सी रूम में बैठ कर शांति की अपील कर रहे है और वहां लोगों का घर जल रहा है,यह मामला कोई नया नहीं है समय रहते यदि कदम उठाए गये होते तो ये नौबत नहीं आती,सेना भेज देना किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, इतना होने पर भी अब हमे उम्मीद करनी चाहिए की केंद्र सरकार अब नींद से जागेगी और ठोस समाधान निकालेगी ताकि देश में  गुजरात दंगे की पुनरावृत्ति न हो,