Thursday, January 6, 2011

                                  हाय आरक्षण

ये आरक्षण का पिसाच हमारे देश में कब तक रहेगा,
न जाने कब तक आरक्षण की आर में हम नेताओं से 
ठगे जाते रहेंगे, कभी महिला आरक्षण, कभी मुस्लिम 
कभी गुर्जर कभी ...... और न जाने क्या क्या आरक्षण 
हमे परेशान करता रहेगा, ऐसा नही हो सकता की सरकार 
इन दबे कुचले वर्ग को एक ऐसी शिक्षा प्रणाली दे जिससे वो
सशक्त और शिक्षित बने,ताकि समाज के साथ कदमताल 
मिला कर चल सके - उस उच्च वर्ग को कड़ी टक्कर देकर 
अपना हक वापस ले, पीछे के दरवाजे से किसी को लाइन
में सबसे आगे कर देने से प्रतिभाशाली के साथ अन्याय 
नही होता है ? लोग अपने बच्चों को सबसे तेज और सभ्य
बनाते है ताकि वो दुनियां से लड़ सके, बेहतर परफार्म करे 
और जहाँ जाए वहाँ से जीत के आए,लेकिन आरक्षण एक ऐसा 
उपाय है जिससे प्रतिभाशाली लोग हताश हो रहे है, अब 
तक जो हो गया सो हो गया, कम से कम अब सरकार को
चाहिए की इन आरक्षणों को समाप्त कर सभी को आगे बढ़ने का
समुचित अवसर प्रदान करे,