अध्याय -6
नासा
कल स्कूल में हुए पूरी घटना की जानकारी शिल्पी ने अपने पापा को दे
दिया था, शिल्पी के कहने पर पापा शांतनु को देखने हास्पिटल जाने के लिए
राजी हो गये, शिल्पी शांतनु के लिए एक सुंदर सा पेंटिंग बनाई, पेंटिंग में एक
spaidar man को जलते हुए गेस का सिलेंडर हाथ में उठा कर बाहर फेकते हुए
दिखाया गया था, हलाकी उसे अच्छी पेंटिंग बनाने नही आती थी स्कूल में
सबसे कम नम्बर आते थे, लेकिन भावना और संवेदना एक ऐसी चीज
है जो अपने आप मन में छुपे सच्ची तस्वीर को सामने ला देता है,इश समय
शिल्पी भी उन्ही भावनाओं से गुजर रही थी, शिल्पी पापा के साथ हास्पिटल
पहुची, शिल्पी के हाथ में पेंटिंग देख डाक्टर ने नर्स से कहा ये शांतनु के सामने
रख दो ताकि जब वो पहली बार आँख खोले तो ये उसे दिखाई दे,
इससे उसे ताकत मिलेगी I
स्कूल में हुए इस हादसे की खबर टी वी एवं अखवार में भी आई थी
उन्ही दिनों नासा को अपने अंतरिक्छ मिशन के लिए कुछ बहुत ही साहसी
लडको की आवश्यकता थी, टी वी में आई इश खबर के मध्यम से शांतनु
नासा तक पहुच चूका था और उसका सलेक्शन हो गया, अब इंतजार था उसके
जल्दी से जल्दी ठीक होने की, आख़िरकार तीन महीने के बाद वो अमेरिका
गया और नासा से जुड़ गया,अब बारी थी उसके सपनों की उड़ान भरने की
जो उसने पचपन में देखा था स्कूल में पढ़ा था और दोस्तों से मजाक -मजाक
में ही रॉकेट में उड़ने का वादा किया था